जिस रंग में रंग जाने को,अम्बर भी शीश झुकाता है,
शान सदा ये बनी रहे, हवा भी गुनगुनाता है,
ये देश इसका गान सदा, गाता रहेगा,
ये सदियों से लहराता आया है, लहराता रहेगा,
-Anurag mishra
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