जानता हूं मैं काबिल नहीं
पर मैं किसी के दिल का कातिल नहीं
बेशक कुछ नहीं पास मेरे
सब कुछ था जब तुम थे पास मेरे
तुम हमें दौलत के लिए छोड़ कर गए
किए सारे वादे तोड़ कर गए
तुम्हारे बिन अफसोस होगा
ये दिल खामोश होगा
तुम दिल तोड़ कर जाओ
अपनी यादों को छोड़कर जाओ
तुम्हारी यादों का सहारा होगा
तुम्हारे सिवा न कोई हमारा होगा
जब भी याद आए हमारी चले आना
क्योंकि इंतज़ार सिर्फ तुम्हारा होगा ।
शैलेंद्र कुमार
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