दरकती नहीं दीवारें
एकाएक
चटकतीं हैं
और आती हैं दरारें
धीरे-धीरे।
अपनी बोझ से
चटक जाती हैं दीवारें
टूटन होती है अन्दर
और सतह पर दीखती हैं दरारें।
दरारें संकेत हैं
विघटन के
तबाही के।
थोड़ा रस भरो
थोड़ी नमी लाओ
थोड़ा लेप लगाओ
दरारों को रोको
आत्मघाती हो सकती हैं दरारें।
अशोक मिश्र
कटनी, म प्र
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