विज्ञापन

सैरात

ashwani singh

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            लग कर गले, बिछुड कर जो वो चले
        
                                                    
                            
उस रात।
दो धड़कते दिल, दोनों ही दिखें
सैरात।

- अशवनी
2 वर्ष पहले
विज्ञापन

विशेष

आज के शीर्ष कवि Show all

Aalam-e-Ghazal Parvez

273 कविताएं

View Profile

Updesh Kumar

11917 कविताएं

View Profile