सड़क से गुजरते हुए देखा ,
भीख मांगते हाथों की रेखा
सात वर्ष की उम्र में सात माह का भाई
गोद उठाकर घूम रही जैसे हो वह माई
रोता बच्चा झुलसती गरमी में छाया
बहन बचाती धूप से ईश्वर की है माया
आधा कपड़ा सिर पर आधा कपड़ा हाथ
आसपास है कोई नहीं, नहीं किसी का साथ
माँ गई है खेत पर करने को मजदूरी
पूरे घर का खाना बनाना बेटी की मजबूरी
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