कुछ चीजें कभी लौटकर नहीं आती जैसे फेम में लटकी मां की तस्वीर से मां मां जब तक घर में थी सब कुछ भरा-भरा था छोटा सा घर भी महल सा खड़ा था सबको जोड़े रखने और कठिनाईयों में भी रास्ता निकालने की कला में मां को महारत हासिल थी बिना बताए है सबकी जरूरतें जान लेती थी मां ये जादू भी मां ही जानती थी आज हमारी जेबें भरी है और घर भी बड़ा है बावजूद इसके सबको जोड़े रखने की कला हममें से किसी को नहीं आती अपने शौक को जब-तब पूरा कर लेने वाले हम दूसरों की जरूरतों का चेहरा नहीं पढ़ पाते फिर हमने क्या सीखा मां से शायद कुछ भी नहीं फेम में लटकी मां की तस्वीर को जब-जब देखता हूं यही सोचता हूं अब कभी नहीं आएगी मां और न हम सीख पायेंगे कभी जोड़े रखने और जरूरत के चेहरे को पढ़ने की कला।
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8 वर्ष पहले