"शत शत नमन"
चौदह अप्रैल को खिला
उपवन में अनुपम सुमन।
जिसकी महक से महका
भारत का पावन आँगन।
डॉ0 भीमराव अम्बेडकर,
भारत के हैं अनमोल रतन।
नारी को सब हक दिलवाये
संविधान का करके सृजन।
पिछड़ों और दलितों के,
दुखों का कर दिया दमन।
शिक्षा, संगठन, संघर्ष का
दिया देश को नारा नूतन।
छुआछूत को मिटाने का,
आजीवन करते रहे जतन।
समता स्वतंत्रता न्याय भ्रातृत्व
बनाये संविधान की धड़कन।
आज प्यार से लोग उनको,
बाबा साहेब कह करते वंदन।
ऐसे महान युग पुरूष को
करे 'भारती' शत शत नमन।
भूपसिंह भारती,
आदर्श नगर, नारनौल
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