"आजादी"
आजादी की खास लड़ाई,
सभनै मिलकै लड़ी भाई थी।
गुलामी की दर्दीली कीले,
सभकै गात बीच समाई थी।
इंकलाब जिंदाबाद की दहाड़
एकजुट होकै साथ लगाई थी।
हिंदू मुस्लिम सिख बौद्ध जैन
सभनै खून की नदी बहाई थी।
फेर नेताजी नै आगै बढ़कै या
आजाद हिंद फौज बणाई थी।
भगतसिंह सुखदेव राजगुरु नै
रै हँस हँस कै फांसी खाई थी।
चन्द्र शेखर आजाद नै अपणी
धर्म जात आजादी बताई थी।
सत्य अहिंसा आली बुद्ध नीति
महात्मा गांधी नै अपनाई थी।
गोरों थम इब भारत नै छोड़ो
लई आजादी नै अंगड़ाई थी।
पंदरा अगस्त सैंतालीस म्ह
भारत म्ह आजादी आई थी।
फेर लाल किले नेहरू जी नै
भारत की धजा फहराई थी।
रै देख तिरंगा नील गगन म्ह
भारत की जनता हर्षाई थी।
देश पै राज चलावण खातर
एक संविधान सभा बणाई थी।
संविधान बनाने की जिम्मेदारी
डॉ अम्बेडकर को सम्भलाई थी।
मिलै सभनै अवसर एक समान
ऐसी धाराएं भीम नै बणाई थी।
छब्बीस जनवरी सन पचास म्ह
सभनै शपथ संविधान की खाई थी।
कहै भारती सच्चे मायनो म्ह,
इब भारत म्ह आजादी आई थी।
#AzadAlfaz
भूपसिंह भारती, खालेटा, रेवाड़ी (हरियाणा)
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