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गज़ल

Bimmi Singh

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            दर्दे दिल न जाने उफन क्यों गया
        
                                                    
                            
यें कमाले वफा एकदम हो गया।

इश्क को मिलने की चाहत ना कभी,
तेरा एहसास ही पूजा धरम हो गया ।

अकेली भी होकर मैं तन्हा कहां,
ख्यालों में तेरा भरम सो गया।

देके आसूं पूछते है हाल वो,
कितना मासूम मेरा सनम हो गया।

"कुवँर" लिखने जो बैठी उस पर गज़ल,
खूब रोई कलम, कागज नम हो गया।

बिम्मी कुवँर सिहं

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7 वर्ष पहले
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