बसा हो दिल में बिछड़ के जुदा नहीं होता
वक्त इक सा सदा नहीं होता
पतझड़ होना भी इक जरूरत है
हर दम फूला फला नहीं होता
होगी मजबूरी जमाने की कोई
प्यार में बेवफा नहीँ होता
हम जिसे चाहें वो भी चाहे हमें
ऐसा मुमकिन सदा नहीं होता
रखते हैं जो मुहब्बत पे यकीन
दिल किसी से खफा नहीँ होता
क्या दिखायेंगे राह मंजिल की
जिनको खुद का पता नहीं होता
जो भी होना है आखिर होता है
पहले से कुछ लिखा नहीं होता
रंजो गम सिर्फ अहसास ही तो है
बिन बुलाए फिदा नहीं होता
प्यार होता अगर न दुनिया में
तुम न होते "वफा" नहीं होता |