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बसा हो दिल में..

BRAJESH KUMAR

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            बसा हो दिल में बिछड़ के जुदा नहीं होता
        
                                                    
                            
वक्त इक सा सदा नहीं होता
पतझड़ होना भी इक जरूरत है
हर दम फूला फला नहीं होता
होगी मजबूरी जमाने की कोई
प्यार में बेवफा नहीँ होता
हम जिसे चाहें वो भी चाहे हमें
ऐसा मुमकिन सदा नहीं होता
रखते हैं जो मुहब्बत पे यकीन
दिल किसी से खफा नहीँ होता
क्या दिखायेंगे राह मंजिल की
जिनको खुद का पता नहीं होता
जो भी होना है आखिर होता है
पहले से कुछ लिखा नहीं होता
रंजो गम सिर्फ अहसास ही तो है
बिन बुलाए फिदा नहीं होता
प्यार होता अगर न दुनिया में
तुम न होते "वफा" नहीं होता |
3 वर्ष पहले
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