मेरी किताब का
वो हसीन पन्ना हो तुम
जिस पर मैं मरना भी चाहती हूं
और जीना भी
अपनी कलम से कुछ लिखना भी चाहती हूं
और अपनी आंखों से कुछ पढ़ना भी
अपने दिल की गहराई में डूबकर
अपने आसूओं से
हमारी कहानी लिखना चाहती हूँ
- रितिका तँवर
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