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जीवन में

deepali kalra

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            जीवन में बहुत कुछ खोया तो भी
        
                                                    
                            
कुछ पाने की तमन्ना अब बाकी है

अंधेरे में मीलों दूर चलकर तो भी
रोशनी की तलाश अब बाकी है

कभी कभी आंखे भर आए तो भी
होठों पे मुस्कान लाना अब बाकी है

ग़म से दिल पूरी तरह टूट गया तो भी
अपने अंदाज में जोड़ना अब बाकी है

दिन हक़ीक़त में बीत जाती तो भी
रात में सपनों को बुलाना अब बाकी है

भीड़ कितना भी बेरहम होती तो भी
तनहाई में सुकून ढूंढना अब बाकी है

दीपाली कालरा सरिता विहार

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4 वर्ष पहले
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