फूलों ने रंगो में जगह बनाई
या फिर रंगो ने फूलों में बनाई
और फिर इनमें इतनी खुशबू कहां से आई
अद्भुद है ये पहेली
रंगबिरंगी अलबेली
आस्था और विश्वास दिखाई नही देते
प्रबलता है इतनी कि हारने नही देते
एक शून्य जीवन को बुझने नही देते
अद्भुद है ये संयम
इश्वर का उदगम
संगीत प्रकृति से उपजता है
तन मन में गूंजता - चहकता है
एक सुकून है इसके सरगम में
अद्भुद है ये संगम
राग रंग मधुरम