दिल को इतना दर्द ना दिया कीजैं
मर ना जाये ऐसा ना किया कीजैं
दिल को गुमराह ना करे आदत छोड़े
हमें बेवज़ह परेशां ना किया कीजैं
हम तुम्हारी मोहब्बत में पागल है माना
हमें इस तरह तरसाया ना किया कीजैं
ये मौसम बहारें वफ़ा लाया है सुनिये
हमें यूं नज़र अंदाज ना किया कीजैं
होश में रहे कैसे बिन आपके हम "दाविश "
ऐसे झूठे वादे हमसे ना किया कीजैं
- दिवेश राज़ उपाध्याय दाविश
रामनगर नैनीताल उत्तराखण्ड
सर्वाधिकार सुरक्षित