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अस्तित्व पर अपना

Dr fouzia

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            अस्तित्व पर अपना अधिकार करिए।
        
                                                    
                            
स्वयं भी स्वयं का सत्कार करिए।।
समझे ना जो तेरे भावों की भाषा।
दूर से ही उसको नमस्कार करिए।।
दया,प्रेम का ह्रदय में विस्तार करिए।
किसी का कभी ना तिरस्कार करिए।।
अभिव्यक्ति पर अपनी उपकार करिए।
जो स्वीकार ना हो,अस्वीकार करिए।।
अस्तित्व पर अपना अधिकार करिए।
स्वयं ही स्वयं का सत्कार करिए।।

- डाॅ फौज़िया नसीम शाद

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5 वर्ष पहले
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