विज्ञापन

पश्चाताप

Dr. Manjeet

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            जब भी किसी को कड़वा बोल देते हैं हम तो मन में पश्चाताप होने लगता है,
        
                                                    
                            
क्यों कहा थोड़ा चुप ही रह जाते मन एक बार नहीं कई बार सोचने लगता है।
बहुत पसंद में हमें अमन चैन बस कभी कभी हम भी न चाहकर उखड़ जाते हैं,
बोल देते हैं कठोर शब्द जब गलती करके भी लोग बहस को तैयार हो जाते हैं।
 
- हम उम्मीद करते हैं कि यह पाठक की स्वरचित रचना है। अपनी रचना भेजने के लिए यहां क्लिक करें।
4 वर्ष पहले
विज्ञापन

विशेष

आज के शीर्ष कवि Show all

Rajiv Tyagi

350 कविताएं

View Profile