पल जो आये थे,
पल जो आये हैं,
और पल जो आएंगे,
वो याद बन जाएंगे।।
फ़िर निकलूंगा,
किसी रोज़ इस गली से,
तुम आगे बढ़कर,
हाथ चूम लेना,
बांध लेना पहलू में,
इस बार जो याद बन गए,
तो बस याद रह जाएंगे।।
-नितिन
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