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यादें

Dr_Nitin Lama

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            पल जो आये थे,
        
                                                    
                            
पल जो आये हैं,
और पल जो आएंगे,
वो याद बन जाएंगे।।

फ़िर निकलूंगा,
किसी रोज़ इस गली से,
तुम आगे बढ़कर,
हाथ चूम लेना,
बांध लेना पहलू में,
इस बार जो याद बन गए,
तो बस याद रह जाएंगे।।

-नितिन

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8 वर्ष पहले
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