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बेफिक्र

Drminal Aggarwal

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            तू मेरे पास है
        
                                                    
                            
तेरे करीब होने भर के अहसास से
मैं कितनी बेफिक्र हो गई
मैं चाहे फिर तुझसे बात
करूं या न करूं
तेरे समीप बैठूं या न बैठूं
तेरी सूरज की रोशनी से भरे
उजाले से
धुलकर मैं तो
अंधेरे से मुक्त और
एक रूहानी चांदनी के अंबार
की तरह
पाक साफ हो गई।

- मीनल
सुपुत्री श्री प्रमोद कुमार
इंडियन डाईकास्टिंग इंडस्ट्रीज
सासनी गेट, आगरा रोड
अलीगढ़ (उ.प्र.) - 202001

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5 वर्ष पहले
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