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दोस्ती

Dr.Reetu Mehta

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            न यारी रही ना दोस्ती रही
        
                                                    
                            
मतलबी है दुनिया सारी

सिर्फ पैसों से रिश्ता बनाती है
पैसा है तो दोस्ती है यारी है

पैसा है तो दुनिया तुम्हारी है
बाकी सब तो बेमानी है

हमने भी दोस्तों को बदलते देखा
पैसों के खातिर किसी और के होते देखा

अब दोस्ती में वह ईमानदारी नहीं रही
स्टेटस और सिंबल की पहचान ही रही

इस दुनिया ने बहुत कुछ सिखाया
पैसे ने अच्छे खासे दोस्तों को बेगाना बनाया

पैसे ने दो दोस्तों के बीच में फासला बढ़ाया
वाह री दुनिया क्या तेरी काया

पैसा ही सब कुछ पैसे की ही माया
पैसे से ही काया और पैसे से ही माया......
ङाॅ ऋतु मेहता
2 वर्ष पहले
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