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हम कौन?

Eshani Patel

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            दिल में हैं कुछ और
        
                                                    
                            
और ज़ुबाँ पे कुछ और
बस इल्ज़ाम लगा दिया
और कर दिया इक ओर
बोलते हैं मीठा मग़र
मन में है शायद चोर
दिल से तो अच्छे है
लेकिन कडवे हैं इनके बोल
अपने ही तराज़ु में
अपने ही हिसाब से
हम करते रहते हैं
सब रिश्तों को तोल मोल
जब चाहा बुरों में अच्छा बता
अपने से लिया जोड़
जब मर्ज़ी महफ़िल में बुला
दिल को दिया तोड़
कौन है कैसा और है क्या
क्यूँ टटोलेें किसी का मौन?
व्यक्तित्त्व किसीका परख़नेवाले
आख़िर होते हैं हम कौन?
❤ईशानी



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7 वर्ष पहले
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