ना तो हो जन्म ही जिसका मरण से भी ना नाता है
आत्मा तत्व अखण्ड एकरस सर्वव्यापक कहाता है
किसी तन से नहीं नाता अशरीरी श्रुतियाँ गाती हैं
ब्रह्मस्वरूप है जगत सारा श्रुति सिद्धांत गाता है |
---हरिशंकर 'हरि'