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दायरा

Hitesh Pal

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            अपने अपने दायरे रहना सिख लो
        
                                                    
                            
ज़रा सा क़ायदे मे रहना सिख लो
अभी तो क़ुदरत ने सिर्फ़ समझाया है
अपना असली रूप कहा दिखलाया है
मनुष्य को अपना दायरा बताया है
फिर भी उसे कुछ समझ ना आया है
क़ुदरत के दायरे का मज़ाक़ बनाया है
फिर कहता है क़ुदरत ने क़हर मचाया है


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6 वर्ष पहले
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