उसे जन्म दिया, वो प्यार था
वो बेटी निकली, फिर तिरस्कार था
उसे लावारिस छोड़ दिया, वो पाप था
वो उसे उठा ले गया, वो पुण्य था
उसे परवरिश मिली, वो सम्मान था (बालिका गृह)
वो बड़ी (जवान) हुई, वो स्वार्थ था
उसकी कीमत लगी, वो व्यापार था
वो शोषित हुई, वो खबर थी
उसकी सुर्खियां बनी, वो खोलता खून था
फिर नारे लगे, मोमबत्ती जली, इल्ज़ाम लगे, सवाल उठे वो जरूरी था....
क्योकि उसने जन्म लिया वो प्यार था....
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