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हर रोज.........

Indu Sharma

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            हर दिन की एक अलग अपनी कहानी होती है,
        
                                                    
                            
कभी मुस्कुराहट होती है कभी गमगीन उदासी होती है,
दिल के जज्बातों को जाहिर न कर पाना इन आँखों की कला होती है,
कभी खुशी की चमक होती है तो कभी गम की झलक होती है,
हर दिन की एक अलग अपनी कहानी होती है।

सपनों की नींद से जागकर, जब सुबह होती है,
वो अपनो के सपने पूरे करने में शाम हो जाती है,
सुबह की चाय पूरे दिन को जोश से भर देती है,
वही चाय शाम को थकान में सुकून दे जाती है
हर दिन की एक अलग अपनी कहानी होती है।

दिन के उजाले में उम्मीदों को राह मिलती है,
शाम ढलते से ही न उम्मीदी में रात निकल जाती है,
फिर एक नर्इ सुबह उर्जा का संचार भरती है,
औऱ फिर इम्तहान लेने के सवाल तैयार करती है,
हर दिन की एक अलग अपनी कहानी होती है।

- हमें विश्वास है कि हमारे पाठक स्वरचित रचनाएं ही इस कॉलम के तहत प्रकाशित होने के लिए भेजते हैं। हमारे इस सम्मानित पाठक का भी दावा है कि यह रचना स्वरचित है। 

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7 वर्ष पहले
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