मेरी माँ है सबसे प्यारी
दुनियां में है सबसे न्यारी
जिसने है मुझे दुलारी
उसकी आंचल में है फुलबारी
देती है खुशियां सारी
सींचती है जीवन की क्यारी
लेती है घर की जिम्मेदारी
तब चलती है दुनिया दारी।।
संकटों की है कचहरी
निर्णयों की है धुरी
थके मन की है लोरी
मेरी माँ है सारी तैयारी
इसलिए है चमत्कारी
उनके चरणों में आनंद की किलकारी
अब माँ है मेरी जिम्मेदारी।।
- कर्नल कुमार