कभी सीने से लगाया तुने
कभी जिंदगी से निकाल दिया
नहीं था प्यार तो बता देते
साथ बिताये उन लम्हों को दफना देते
ना यादों की परछाई क़ो
साथ में लेकर घूमो
क्यों नहीं लेते एक चिंगारी
सब यादों को जला देते
कवित्री किरण चाँद