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ख़्वाब

Kritee Sah

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            कभी लागे धूप....
        
                                                    
                            
कभी छाँव प्यारी लागे
कभी ख्वाब हमारे.....
कभी हम ख्वाइशों के पीछे भागे।

Kriteeka Sah
 
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4 वर्ष पहले
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