आज भी इतनी मोहब्बत है तुमसे कि,
जब चाहूं सीने से निकाल तेरा दीदार कर लूं
गर मेरी ज़िंदगी में आ सकते तुम दोबारा,
तो ये गलती मैं एक बार नहीं बार-बार कर लूं