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काल चक्र

Mahesh Kumar

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            प्रतिस्पर्धा की दुनियां में
        
                                                    
                            
चमका मेहनत का नाम
दिलों-से मिली दुआ जिन्हें
है उनके संग सम्मान।

चमकती आंखों में
झांक के देखो
नम पलकों की छांव कही
सफलता चाहें जितनी मिले
ख़ुशियां है एक ताज़ सही।

जिस पल में सबका साथ है
वो यादें अमूल्य सौगात है
अपनों में ये जीवन बीते
लम्हा सपनों का मोहताज़ है।

रंग-भेद सब अपने जगत में
न-कोई किसी-से पराया है
एक मानव ने रब से मिलकर
पूरा ब्रह्माण्ड रचाया हैं।

ज़रा गोर से फ़िर से देखो
काल ने संस्करण दोहराया है
आखिरी में मै कहूे गर्व से
कर्मों ने संसार चलाया हैं।।

-M K Yadav

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