भोर की हवा
पक्षियों की चहचहाट
सुबह की ताजगी
मन को लुभाती।।
आनंदित करता मौसम
दिल को करता प्रसन्न
झूम उठता मन
सबेरा देखकर।।
मनीषा मिश्रा
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