विज्ञापन

पुत्रीप्रेम

Manohar Dua

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            यदि मैं प्रधानमंत्री होता
        
                                                    
                            
यदि मैं सबसे अमर होता
यदि मैं सबसे बलशाली होता
गौण लगते हैं अब।

यदि मैं भगवान, इष्ट, आराध्य होता
तब भी मैं
किसी उपासक, भक्त, प्रेमी के
आह्वान पर
उसके स्थान या समय पर
आधे अधूरे मन से ही जाता
यदि वहां पर बेटी न होती
याकि बेटी का यथोचित
सम्मान न होता।

सोचिए मत कि यह क्या तर्क है
जो निसंतान, अविवाहित है
या कि उनके पुत्र ही हैं
बेटियां यहीं हैं और बहुतायत में हैं।

आप बस बेटी से स्नेह कीजिए
उसका सत्कार, सम्मान कीजिए
यदि मैं भगवान न भी हुआ
तो जो भी भगवान, रब्ब है
पूरे मन से मिलने आएगा।
3 वर्ष पहले
विज्ञापन

विशेष

आज के शीर्ष कवि Show all

Aalam-e-Ghazal Parvez

273 कविताएं

View Profile

Updesh Kumar

11917 कविताएं

View Profile