विज्ञापन

राखी

Manohar Kumar Singh

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            राखी का त्यौहार आया
        
                                                    
                            
ख़ुशियों का सौगात लाया
दूर देश से बहन को मिलने
भाई लेकर उपहार आया

चंदन चावल घी मिठाई
आरती की थाली सजाई
बहनों ने देखो राखी से
भर दी भाई की कलाई

ख़ुशी से झूम उठा है भाई
रेशम के डोर बांध कलाई
सुख दुःख में साथ पाने की
वचन पा बहन फुले न समाई

- मनोहर कुमार सिंह
भागलपुर, बिहार


हमें विश्वास है कि हमारे पाठक स्वरचित रचनाएं ही इस कॉलम के तहत प्रकाशित होने के लिए भेजते हैं। हमारे इस सम्मानित पाठक का भी दावा है कि यह रचना स्वरचित है। 

आपकी रचनात्मकता को अमर उजाला काव्य देगा नया मुक़ाम, रचना भेजने के लिए यहां क्लिक करें।
5 वर्ष पहले
विज्ञापन

विशेष

आज के शीर्ष कवि Show all

Shweta Rastogi

4 कविताएं

View Profile

hem priya

456 कविताएं

View Profile

Anil Pandey

324 कविताएं

View Profile