हम रिश्ता निभाये जा रहें हैं,
वो दिल दुखाये जा रहें हैं।
उन्होंने रूठने की कसम खायी हैं,
और हम है के बस मनाये जा रहे हैं।
वो भूले से भी हमे याद नही करते,
हम बस उनके ही सपने सजाये जा रहे हैं।
हमने उनकी राहों में फूल बिछा दिये,
और वो हमें नश्तर चुभाये जा रहे हैं।
पर जाने क्या बात है उनमें,
वो अब भी दिल में समाये जा रहे हैं।
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