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मिट्टी की खुशबू

तिवारी सतीश

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            कितनी प्यारी लगती भैया मिट्टी की खुशबू,
        
                                                    
                            
जैसे उगले धरती मैया मिट्टी की खुशबू।

होती जब बरसात है पहली प्रकृति दिखे प्रमुदित,
तभी नाचती ता-ता थैया मिट्टी की खुशबू।

याद जन्मभूमि की आती हमको यदा-कदा,
बरसे जब भी जगत् खिवैया मिट्टी की खुशबू।

पति-पत्नी में प्यार अनोखा बना रहे हरदम,
कहे सूँघकर जैसे सैंयाँ मिट्टी की खुशबू।

'सरस' रहो तुम सदा प्रफुल्लित जीतोगे तुम ही,
देती हमको यही सिखइया मिट्टी की खुशबू।

विपतपुरा,हाऊसिंग बोर्ड कॉलोनी,नरसिंहपुर-487001 (म.प्र.)
मोबाइल-09993879566

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7 वर्ष पहले
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