माँ -बाप की सेवा करने को भगवान की भक्ति कहते हैं
भोजन करवाना भूखे को भगवान की भक्ति कहते हैं
निराश्रित को आश्रय देने को भगवान की भक्ति कहते हैं
केवल ईश्वर का पूजन ही , मार्ग नही है भक्ति का
प्यासे की प्यास बुझाने को भगवान की भक्ति कहते हैं
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