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भक्ति

Monu Sharma

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            माँ -बाप की सेवा करने को भगवान की भक्ति कहते हैं
        
                                                    
                            
भोजन करवाना भूखे को भगवान की भक्ति कहते हैं
निराश्रित को आश्रय देने को भगवान की भक्ति कहते हैं
केवल ईश्वर का पूजन ही , मार्ग नही है भक्ति का
प्यासे की प्यास बुझाने को भगवान की भक्ति कहते हैं

- हमें विश्वास है कि हमारे पाठक स्वरचित रचनाएं ही इस कॉलम के तहत प्रकाशित होने के लिए भेजते हैं। हमारे इस सम्मानित पाठक का भी दावा है कि यह रचना स्वरचित है। 

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6 वर्ष पहले
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