जिंदगी से अब कोई
शिकवा न शिकायत रही
क्या करेंगे कर के भी
जो जिंदगी ही ना रही ।
एक छोटी सी खुशी भी
ला सकती है जब मुस्कान
फिर क्यों किसी गम का
हम करें स्वागत सम्मान।
शाम का सूरज ढलता है
सवेरे फिर रोशनी लाता
जीवन का भी नियम यही
सुख और दुख आता जाता।
उम्मीद की किरणें ही
देती मन में विश्वास है
विश्वास की छाँव तले ही
आशाओं का वास है ।
- श्रीमती ज्योत्स्ना मीणा
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