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अथाह प्रेम

Muskan Pandey

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            मद्धम गती से प्रेम का संगीत बजता रहता है हम सबके भीतर
        
                                                    
                            
तुम्हारा मिलना,

इस संगीत की ध्वनि को तीव्र करता है
मेरे भीतर प्रेम का सागर बढ़ता है
इसकी कोई थाह नहीं जान पड़ती
मैं जितना इसे तुम पर उड़ेलती हूँ
यह उतना बढ़ता चला जाता है
मैं इसमे डूबती चली जाती हूँ

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3 वर्ष पहले
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