अक्सर
लोगों को कहते हुए
मैंने
ये सुन रखा है
कि शंकर के पास
मौजूद है
एक तीसरी आंख भी।
तीसरी आंख की किंवदंती या सच्चाई
मेरे होश से परे
ठीक उसी तरह है
जिस तरह
त्रिवेणी-
गंगा
यमुना
सरस्वती की
कपोल कल्पित कहानी।
- नरेन्द्र सोनकर 'कुमार सोनकरन' प्रयागराज