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क़तरा

Nathuram Kaswan

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            इक क़तरा भी क्या-क्या मंज़र देखता है
        
                                                    
                            
मिटने पे आए तो होकर समंदर देखता है

एन आर कस्वां
२०.६.१९   


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6 वर्ष पहले
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