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बस स्टॉप

Neetu Singh

Mere Alfaz
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                            बस स्टॉप
        
                                                    
                            

मैं खड़ा था बस स्टॉप पर
थक गया था स्कूल बस का इंतजार कर
इतने में मेरी टीचर गुज़री `स्कूटी' पर
मुझे देखा आंखें तरेरकर
मैंने उन्हें कहते हुए सुना
“यहाँ क्या कर रहा है मुन्ना
तुझे स्कूल के लिए देर है हो रही”
टीचर की बात थी एकदम सही
इसलिए मैंने कुछ न कहा
और मैं चुप रहा

एक बार फिर मैं खड़ा था बस स्टॉप पर
थक गया था बसों का इंतजार कर
इतने में मेरे एक प्रोफेसर गुज़रे मोटरसाइकिल पर
मुझे देखा आंखें तरेरकर
मैंने उन्हें कहते हुए सुना
“यहां क्या कर रहा है मुन्ना
तुझे इग्ज़ैम के लिए देर है हो रही”
प्रोफेसर की बात थी एकदम सही
इसलिए मैंने कुछ न कहा
और मैं चुप रहा

एक दिन और मैं खड़ा था बस स्टॉप पर
थक गया था गर्लफ्रेंड का इंतजार कर
इतने में वह आई साइकिल पर
मुझे देखा एक नज़र
मैंने उसे कहते हुए सुना
“यहां क्या कर रहे हो मुन्ना
तुझे फिल्म के लिए देर है हो रही”
उसकी बात थी एकदम सही
इसलिए मैंने कुछ न कहा
और मैं चुप रहा

फिर एक दिन मैं खड़ा था बस स्टॉप पर
थक गया था सही टैक्सी का इंतजार कर
इतने में मेरा बॉस कार में निकला उधर
मुझे देखा आंखें तरेरकर
मैंने उन्हें कहते हुए सुना
“यहां क्या कर रहा है मुन्ना
तुझे ऑफिस के लिए देरी है हो रही”
बॉस की बात थी एकदम सही
इसलिए मैंने कुछ न कहा
और मैं चुप रहा

शायद फिर मैं खड़ा था बस स्टॉप पर
थक गया था जिंदगी का इंतजार कर
इतने में यमराज गुजरे भैंसे पर
मुझे देखा आंखें तरेरकर
मैंने उन्हें कहते हुए सुना
“तू यहां क्या कर रहा है मुन्ना
तुझे मौत के लिए देरी है हो रही”
यमराज की बात थी एकदम सही
पर इस बार मैं चुप न रहा
मैंने उनसे कहा
“भगवन मैंने मध्यमवर्ग में जन्म जो लिया
तो कौन सा ऐसा पाप किया
जो आधी जिन्दगी बस स्टॉप पर गुज़र गई
कभी तरक्की जिंदगी में पाई नहीं
बस इतनी अरज मेरी सुन लो
जो मौत दो तो बस स्टॉप पर मत दो”
यह सुन यम मुस्कराए
बोले “वत्स! तेरा बेड़ा कैसे पार लगाऐं
जाने कौन से श्राप से
तेरी अर्थी उठेगी बस स्टॉप से
इसमें मैं कुछ नहीं कर सकता
विधि के विधान से हट कर तू नहीं मर सकता”

बात यमराज की निकली सही
अगले दिन बस स्टॉप के सामने मेरी लाश थी पड़ी
थोड़ी देर पहले एक लॉरी मुझ पर थी चढ़ी
वहां जान पहचान की एक औरत थी खड़ी
मरने के बाद उसे मैंने सुना
“अरे तू यहॉं क्या कर रहा है मुन्ना
तुझे दाह-संस्कार के लिए देरी है हो रही”
वह महिला थी एकदम सही
इसलिए अब कि बार भी मैंने कुछ नहीं कहा
और इस बार भी मैं चुप रहा

- नीतू  सिंह



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