मंजिल मिल ही जाऐगी,
तू ख्वाब तो देख!
मंजिल मिल ही जाएगी,
तू घर से निकलकर तो देख !
क्यूं समझता है तू कमजोर खुद को,
तू कोशिश करके तो देख !
मंजिल तो खुद तेरा इन्तजार कर रही है,
तू एक कदम बढा कर तो देख!!
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