मै सोता नहीं हूँ रात को
सब की पहरेदारी करता हूँ
24 घण्टे,सर्दी और गर्मी
मै काम निरंतर करता हुँ
गोली खाकर भी मैं
अमर हो ही जाता हूँ
तिरंगे को ओढ़कर के
शहीद बेटा कहलाता हूँ
एक माँ की रक्षा की ख़ातिर
मै नींद, भूख सब त्यागा हूँ
अपने बच्चों से दूर यहाँ
मैं फौजी बनकर बैठा हूँ
जब तक प्राणों में साँस है
मैं ऐसे ही लड़ता रहूँगा
अपनी जननी से भी पहले
मैं भारत माँ की लाज रखूँगा
आतंकवाद के सीने पर बैठ
मैं जड़ उसकी काटूँगा
अब तड़प बढ़ी है चरम पर
पाकिस्तान को मिटा दूँगा
एक नया सवेरा लाने की
जिद्द है जिद्दी दिल की
ऐसे ही नहीं जाने दूँगा
कुर्बानी एक-एक भाई की
बोस,गाँधी, भगत का भारत
ज़िन्दादिली का वेश है
दुनिया मिसाले देती जिसकी
वो मेरा भारत देश है
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