विज्ञापन

वापस आ जा

NIHALIKA K

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            तू तो चला गया
        
                                                    
                            
पर जुदाई का गम
मेरे वास्ते छोड़ गया
माना कि थोड़ी रुसवाई है
दो पल की ये लड़ाई है
रहा नहीं जाता
अब बिन तेरे
बस दिल कहता है
वापस आ जा ।
गुजर गया ये वर्ष भी
नए साल की सुनवाई है
बीते गुजरे कष्टों को
अंधेरी भरी यादों को
छोड़कर पुराने साल मैं
इस नए साल के उपहार में
बस दिल कहता है
वापस आ जा ।
मैं नए शहर आ गई
पर तेरी यादें न गई
घूमते हुए शहर की
गलियों में भी
तेरे ख्वाबों में डूबकर
बस दिल कहता है
वापस आ जा ।
3 वर्ष पहले
विज्ञापन

विशेष

आज के शीर्ष कवि Show all

Manoj Singh

1541 कविताएं

View Profile

Dr fouzia

6732 कविताएं

View Profile