तू तो चला गया
पर जुदाई का गम
मेरे वास्ते छोड़ गया
माना कि थोड़ी रुसवाई है
दो पल की ये लड़ाई है
रहा नहीं जाता
अब बिन तेरे
बस दिल कहता है
वापस आ जा ।
गुजर गया ये वर्ष भी
नए साल की सुनवाई है
बीते गुजरे कष्टों को
अंधेरी भरी यादों को
छोड़कर पुराने साल मैं
इस नए साल के उपहार में
बस दिल कहता है
वापस आ जा ।
मैं नए शहर आ गई
पर तेरी यादें न गई
घूमते हुए शहर की
गलियों में भी
तेरे ख्वाबों में डूबकर
बस दिल कहता है
वापस आ जा ।