यूं ही नहीं हो तुम हमसफ़र मेरे
तुम से दिल के तार जुड़े हैं मेरे
लभ पर हरदम नाम है तेरा
दिल की धड़कन हो तुम मेरे
एक पल का भी चैन नहीं बिन तेरे
ख्यालों में रहते हो तुम मेरे
क्यूं रूठकर दूर चले गए हमदम मेरे
आ जाओ प्रीतम नहीं तो मर जाएंगे बिन तेरे
स्वरचित - सरिता सिंह
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