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खेत

Piyush Gupta

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            वीरान से खेतों पर चले वो हल अनजान;
        
                                                    
                            
इश्क़ माटी से हो यदि, क्या ज़रूरत फिर पहचान।


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6 वर्ष पहले
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