उपासना तो बहुत लोग करते हैं।
विभिन्न प्रकार से, विभिन्न रूप में,
लेकिन एक सच्चा उपासक वही होते हैं,
जो अपने अच्छे सत्कर्म के माध्यम से,
अपने मन की गति को काबू कर ,
सभी इंद्रियों को वश में कर ,
माया मोह छल प्रपंच से दुर,
अपने हृदय को शुद्ध निर्मल पवित्र कर,
अपने अंतर्मन में अपने इष्ट देव को प्रत्यक्ष कर,
अपने आत्मा को परमात्मा से जोड़ दे,
वही सच्चा साधक सच्चा उपासक कहलाता है ।
मन से, वचन से, कर्म से ईश्वर को समर्पण कर देना,
अनासक्त भावना से इष्ट देव का चिंतन करना, मनन करना,
सच्चे साधक की पहचान है।
वहीं है सच्चा उपासक।
पूनम सिंह
वायु सेना नगर नागपुर (महाराष्ट्र)