कुछ बातें अभी अधूरी है
अभी कुछ उम्मीद बाकी है
अभी दीवाली का जशन हुआ कहाँ
अभी तो कितनी ईद बाकी है
खुदा के दरबा़ पर रुका
अभी एक मुरीद बाकी है
ये जो संस्कार मिले हैं मुझे
ये दौलत मेरे माॅं की है
जो उम्मीद अभी टुटी नहीं
वो कायनात मेरे खुदा की है
जो हसरत अभी बाकी है दिल में
वो दौलत मेरे बा की है।