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अधूरी कहानी

Prabhakar Singh

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            जो बह गया वो किसी,
        
                                                    
                            
दरिया से कम न था।
मुस्कुरा रहा था चेहरा पर।
दिल में दर्द कम न था।

और छोड़ गई है अब
तो आजीवन खुश रहे।
वो मेरी नही, हां पता है पर,
इस बात का अब ग़म न रहा।

-प्रभाकर सिंह रणवीर
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4 वर्ष पहले
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