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हम जीत जाएंगे

Prachi Singhal

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            हम जीत जाए , हमे शक्ति दो भगवान
        
                                                    
                            
लड़ सके अपनों के लिए, अपनों के साथ ...
बस तुमको ही पुकारें ये गलियारे सुनसान ...
शक्ति देना जो लड़ रहे हैं , रातें कुर्बान कर रहें है ...
रखना उनको सलामत उनके भी परिवार इंतजार कर रहें है ...
जाती हुईं एम्बुलेंस मैं जों तड़प रहा है उसकी रक्षा करना ,
वों कोई अपना ना सही उसके अपनों के साथ दगा मत करना...
वो हसी वो रौनक , वो शांति वो शोर ,
रातों का सुकून और वो खिलखिलाती भोर ,
रखते है यही आस, एक दिन नहीं गिन नि पड़ेगी हर आती जाती सास ...
सब दे साथ मुमकिन हो हर विश्वास,
आयेंगे वो दिन दोबारा खुली होंगी सबकी स्वास ...
उड़ान की आजादी होंगी , यारों की महफिले होगी,
रोशनी में फ़िर वो ही नूर होगा, एक दिन सब ठीक होगा ...
बच्चे मुस्कुराएगें , स्कूल कॉलेज सब खुल जाएंगे ,
सुबह फिर से भगम भाग होगी सब अपने काम पर जाएंगे ...
अपनों की लेकर याद , फिर से होगी नयी शुरुवात ,
हम जीत जाएंगे हमे शक्ति दो भगवान... 
एक वर्ष पहले
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