जिनकी मेहनत पर
हम इठलाते है
वह इस देश के
जवान कहलाते हैं
एक हमारी रक्षा करता हैं
दूजा हमारा पेट भरता हैं
एक जवान है
दूसरा किसान हैं
इस देश का
सच्चा निगहेबान हैं
हम जय जवान
जय किसान,कहते हैं
*पर जीवन अपना*
*बस अपने में ही जीते हैं*
दोनो पीते हैं देखो धरती का पानी
हमारे मन में बस हमारी परेशानी
हम भी यदि उनका ख्याल रखेगे
तो धरती मां के दो अनमोल मोती
यूं ही हमारी हमेशा रक्षा करेगे
प्रफुल्ल शुक्ला (सरकार) उज्जैन
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